Bareilly ,India 243005
+91-950-621-5324
info.kanzuliman@gmail.com

KAIJOR | VOLUME 1 | RAZAWIYAT

Kanzuliman Research Publication

Titleरज़ा की गद्य एवं पद्य रचनाओं में हिंदी और संस्कृत का स्थान
Authorअकरम हुसैन क़ादरी
InstituteAligarh Muslim University, Aligarh
LanguageHindi
Area of StudyHindi Literature, Burning Issues, Society
Paper IDKAIJOR2001H
Keywordsमोजज़ा,
कुरान और हदीस,
फ़तवा,
फ़तावा रज़वियाह,
कुरान शरीफ, नात,
अबूझ बुद्धि(प्रग्यांध)
DownloadDownload Full Text

Abstract

रज़ा की रचनाओं पर आधारित इस शोध लेख में मूलतः हिंदी भाषा की रचनात्मक, ऐतिहासिक और विकासवादी वास्तविकताओं का एक संक्षिप्त तथ्यात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है, जिससे इसके रचनात्मक प्रचार-प्रसार और उत्थान का स्पष्ट रूप से ज्ञान हो सके I अतः प्रस्तुत शोध पत्र में कुछ सूफ़ीविचार धारा के साहित्य सेवकों के योगदान को दर्शाने के बाद बरेली के आला हज़रत मौलाना अहमद रज़ा खान रहमतुल्लाह अलैह की हिन्दी तथा संस्कृत, काव्य एवं गद्य रचनाओं में पराकाष्ठा को दर्शाया गया है साथ ही मध्यकालीन भारत में हिंदी के विकास में मुस्लिम उलेमाओं, सूफी-संतो, विचारकों, दार्शनिकों, कवियों आदि के योगदान पर प्रकाश डालकर हिंदी साहित्य की सेवा में लगे रहने वाले सभी महान विभूतियों की उलाहना करने वालो की अबूझ बुद्धि(प्रग्यांध) पर तीक्ष्ण आलोचनात्मक कटाक्ष भी किया गया है I मुख्यतः इस्लामी अध्यात्म का जन संचार करने वाले सूफियाना काव्य (नात, मंक़बत आदि ) में हिंदी का प्रस्तुतीकरण इस लेख का एक अभिन्न अंग है I

Digiprove sealCopyright secured by Digiprove © 2021 KANZULIMAN Foundation

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *